8 वे वेतन आयोग का गठन ताजा अपडेट
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण विकास में, केंद्र सरकार ने 16 जनवरी 2025 को 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए बताया कि आयोग की सिफारिशें 2026 से प्रभावी होंगी।
यह निर्णय फरवरी 2025 में प्रस्तावित केंद्रीय बजट से कुछ सप्ताह पूर्व लिया गया है, जो कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और भत्तों में संभावित वृद्धि का संकेत देता है। आयोग के गठन की सटीक तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है, लेकिन यह अनुमान है कि 2026 तक आयोग का गठन कर लिया जाएगा। इसके लिए एक अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी, जो आयोग की कार्यप्रणाली की निगरानी करेंगे।
गौरतलब है कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2016 में लागू की गई थीं, और उनका कार्यकाल 2026 में समाप्त हो रहा है। आमतौर पर, केंद्रीय वेतन आयोग हर 10 वर्ष में कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन में संशोधन के लिए गठित किए जाते हैं, जिसमें महंगाई दर और अन्य आर्थिक कारकों को ध्यान में रखा जाता है।
8वें वेतन आयोग के लागू होने से केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में वृद्धि की उम्मीद है। उदाहरण के लिए, वर्तमान में लेवल-1 कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, जो 8वें वेतन आयोग के बाद बढ़कर 34,560 रुपये हो सकती है। इसी प्रकार, कैबिनेट सचिव स्तर के अधिकारियों की बेसिक सैलरी 2.5 लाख रुपये से बढ़कर लगभग 4.8 लाख रुपये होने की संभावना है। यह वृद्धि 1.92 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर की जाएगी।
इस घोषणा से लगभग 1 करोड़ केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ होगा, जो लंबे समय से वेतन और पेंशन में संशोधन की प्रतीक्षा कर रहे थे। आयोग के गठन और उसकी सिफारिशों के कार्यान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी आने वाले समय में साझा की
जाएगी।
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