📢 MSSC स्कीम में 40% Withdrawal Rule – पोस्ट ऑफिस का नया नियम | Finacle अपडेट 2025 🔹 क्या आप पोस्ट ऑफिस की महिला सम्मान बचत पत्र (MSSC) स्कीम में निवेश कर रहे हैं? 🔹 क्या आप जानना चाहते हैं कि अब इस योजना में 40% निकासी (Withdrawal) की सुविधा दी गई है? 🔹 पोस्ट ऑफिस ने Finacle System में क्या बड़ा अपडेट किया है? अगर आप भी इन सवालों के जवाब चाहते हैं, तो यह ब्लॉग आपके लिए है। आइए विस्तार से जानते हैं MSSC के नए Withdrawal नियम और इसके फायदे। --- 📌 MSSC (महिला सम्मान बचत पत्र) क्या है? महिला सम्मान बचत पत्र (MSSC) सरकार द्वारा चलाई गई एक विशेष बचत योजना है, जिसमें महिलाओं को 7.5% सालाना ब्याज मिलता है। यह योजना 2 साल की अवधि के लिए होती है और इसमें ₹2 लाख तक का निवेश किया जा सकता है। 👉 मुख्य विशेषताएं: ✅ केवल महिलाएं और 10 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के अभिभावक निवेश कर सकते हैं। ✅ 7.5% फिक्स्ड ब्याज दर से सुरक्षित रिटर्न। ✅ 2 साल बाद पूरा पैसा वापस मिलता है। ✅ अब 40% तक निकासी (Withdrawal) की सुविधा दी गई है। --- 📢 MSSC स्कीम में 40% Withdrawal का नया नियम (2025 Finacle Updat...
LSG SPM बनाम IPO: क्या LSG SPM के साथ अन्याय हो रहा है? परिचय नमस्कार साथियों मै आपका दोस्त रवीन्द्र गहलोत भारत में डाक विभाग (India Post) का एक मजबूत ढांचा है, जिसमें अलग-अलग पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं। लेकिन हाल के वर्षों में LSG SPM (Lower Selection Grade Sub Postmaster) और IPO (Inspector of Post) के वेतनमान और ग्रेड में भारी अंतर देखा गया है। पहले दोनों कैडर समान स्तर पर थे, लेकिन समय के साथ IPO को अधिक लाभ मिला, जबकि LSG SPM को नजरअंदाज किया गया। इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि LSG SPM और IPO का वेतनमान पहले कैसा था, अब कैसा है, और इस असमानता के पीछे क्या कारण हैं। --- LSG SPM और IPO का वेतनमान: अतीत और वर्तमान 5th, 6th और 7th CPC में वेतनमान की तुलना स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि IPO का ग्रेड लगातार बढ़ा, जबकि LSG SPM को वही स्तर बना रहने दिया गया। --- LSG SPM के साथ अन्याय क्यों हो रहा है? 1. प्रमोशन के सीमित अवसर – IPO को अधिक ग्रोथ और प्रमोशन के अवसर मिलते हैं, जबकि LSG SPM को अधिक जिम्मेदारी के बावजूद सीमित लाभ मिलता है। 2. IPO को अधिक भत्ते और सुविधाएँ – ग्रेड बढ़...
GDS ट्रांसफर 2025: पूरी जानकारी, नियम और प्रक्रिया GDS ट्रांसफर क्या है? GDS (Gramin Dak Sevak) कर्मचारी भारतीय डाक विभाग के महत्वपूर्ण सदस्य होते हैं। कई बार निजी कारणों, स्वास्थ्य समस्याओं, या पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण GDS कर्मचारियों को ट्रांसफर की आवश्यकता होती है। GDS ट्रांसफर के लिए कुछ विशेष नियम और प्रक्रियाएँ होती हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है। इस ब्लॉग में हम आपको GDS ट्रांसफर 2025 के सभी अपडेटेड नियमों और प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताएंगे। --- GDS ट्रांसफर के प्रकार GDS ट्रांसफर को मुख्य रूप से चार भागों में बांटा गया है: 1. Request Transfer (स्वेच्छा से ट्रांसफर) – कर्मचारी की स्वयं की इच्छा पर आधारित होता है। 2. Mutual Transfer (आपसी ट्रांसफर) – दो GDS कर्मचारियों की आपसी सहमति से किया जाता है। 3. Medical Transfer (चिकित्सा आधार पर ट्रांसफर) – स्वास्थ्य कारणों के आधार पर स्वीकृत किया जाता है। 4. Special Category Transfer (विशेष श्रेणी ट्रांसफर) – महिला, दिव्यांग, या अन्य विशेष श्रेणी के कर्मचारियों के लिए। --- GDS ट्रांसफर के लिए पात्रता GDS ट्रांसफर ल...
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